Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

मेट्रो अस्पताल से कैशलेस इलाज के नाम पर ₹9 करोड़ की ठगी! दिल्ली MCD कर्मियों की भूमिका भी शक के घेरे में | बड़ा खुलासा | 5 गिरफ्तार

कैशलेस इलाज में ठगी
Author Image
Written by
Bureau Report


मेट्रो अस्पताल में ठगी का खुलासा

दिल्ली स्थित मेट्रो अस्पताल में कैशलेस इलाज के नाम पर करीब ₹9 करोड़ की बड़ी ठगी का खुलासा हुआ है। इस जालसाजी में सरकारी कर्मचारियों, अस्पताल स्टाफ और बिचौलियों की मिलीभगत सामने आई है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मामले की तह तक पहुंचते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कई और नाम रडार पर हैं।


मामले की पृष्ठभूमि

मेट्रो अस्पताल द्वारा चलाए जा रहे एक कैशलेस ट्रीटमेंट प्रोग्राम के तहत दिल्ली MCD के कर्मचारियों और उनके परिजनों को निशाना बनाया गया। इस योजना के अंतर्गत कर्मचारियों को बिना पैसे दिए इलाज की सुविधा मिलती थी, जिसका भुगतान बाद में MCD द्वारा किया जाता था। इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर कुछ भ्रष्ट तत्वों ने बड़ा घोटाला कर डाला।

Advertisement Box


सौजन्य:न्यूज स्टेट

कैसे हुआ ₹9 करोड़ का घोटाला

1. फर्जी मरीज और नकली दस्तावेज़

इस घोटाले की शुरुआत हुई फर्जी मरीजों की फर्जी आईडी और मेडिकल रिपोर्ट बनवाकर।

  • कई मामलों में असली व्यक्ति अस्पताल आए ही नहीं।

  • नकली आधार कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड और मेडिकल रिपोर्ट्स बनाकर दावा किया गया।

2. फर्जी बिलिंग और क्लेम

इसके बाद फर्जी मेडिकल ट्रीटमेंट दिखाकर भारी-भरकम बिल बनवाए गए:

  • एक व्यक्ति के नाम पर 2-3 बार इलाज दिखाया गया।

  • MCD के रिकॉर्ड में ट्रीटमेंट को पास करवा लिया गया और अस्पताल को भुगतान भी हो गया।


नकली दस्तावेज़ और बिलिंग प्रक्रिया

कैसे तैयार होते थे फर्जी दस्तावेज़?

  • मरीज का नाम MCD कर्मचारी या उनके परिजन के रूप में रजिस्टर्ड।

  • नकली मेडिकल रिपोर्ट, एक्स-रे, MRI जैसी डिटेल्स तैयार की जाती थीं।

  • सॉफ्टवेयर में क्लेम फाइल किया जाता था और MCD से अप्रूवल लिया जाता था।Also read:https://prabhatnews24x7.com/asia-cup-2025-schedule-teams-details/

बिलिंग का पैटर्न

सेवा वास्तविक लागत फर्जी बिलिंग
MRI स्कैन ₹4,000 ₹12,000
ICU भर्ती (1 दिन) ₹7,500 ₹18,000
सर्जरी ₹30,000 ₹85,000

कर्मचारियों की भूमिका और मिलीभगत

अस्पताल स्टाफ

  • डेटा एंट्री ऑपरेटर, बिलिंग स्टाफ, और मैनेजर इसमें शामिल थे।

  • उन्होंने नकली ट्रीटमेंट्स को “असली” दिखाने में पूरी मदद की।

MCD कर्मचारी

  • कुछ कर्मचारियों ने जानबूझकर फर्जी दस्तावेजों को पास किया।

  • क्लेम अप्रूवल की प्रक्रिया को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।


गिरफ्तारी की श्रृंखला

अब तक गिरफ्तार आरोपी:

  1. अमित कुमार – अस्पताल का पूर्व अकाउंटेंट

  2. सुधीर शर्मा – मेडिकल क्लेम एजेंट

  3. सीमा रानी – क्लेम फाइलर

  4. राहुल चौहान – फर्जी मरीज

  5. सुनील गुप्ता – बिलिंग ऑपरेटर

EOW की रिपोर्ट के अनुसार ये गिरोह करीब 3 साल से सक्रिय था और धीरे-धीरे करके 9 करोड़ रुपए से अधिक की राशि निकाल चुका था।


दिल्ली MCD की भूमिका पर सवाल

घोटाले में सबसे बड़ा सवाल MCD की भूमिका पर खड़ा होता है:

  • क्लेम पास करने की प्रक्रिया में MCD का निरीक्षण बेहद कमजोर था।

  • जिन अधिकारियों के दस्तखत थे, उनमें से कुछ को नोटिस भेजा गया है।


जांच एजेंसियों की प्रतिक्रिया

EOW ने इस केस को “हाई प्रायोरिटी फ्रॉड” करार दिया है।

  • डिजिटल ट्रेल्स की जांच हो रही है।

  • बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल चैट्स की फॉरेंसिक जांच जारी है।


मेट्रो अस्पताल की सफाई

अस्पताल प्रबंधन ने इस पर बयान जारी कर कहा:

“हम जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। जिन कर्मचारियों पर आरोप हैं, उन्हें निलंबित कर दिया गया है।”

हालांकि, अस्पताल की इंटरनल ऑडिटिंग सिस्टम पर सवाल बने हुए हैं।


कैशलेस इलाज प्रणाली में खामियां

कैशलेस इलाज प्रणाली सुविधाजनक तो है, लेकिन इसके दुरुपयोग के कई रास्ते खुल जाते हैं:

  • दस्तावेजों की डिजिटल वेरिफिकेशन नहीं होना

  • अस्पतालों की बिलिंग पर स्वतंत्र निगरानी न होना

  • सरकारी विभागों की लापरवाही


सरकार द्वारा उठाए गए कदम

स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए:

  • सभी कैशलेस योजनाओं की ऑडिट कराने का आदेश दिया है।

  • अस्पतालों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।

👉 राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) का लिंक


स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता

भारत में स्वास्थ्य बीमा को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए:

  • डिजिटल स्वास्थ्य पहचान (ABHA ID) की अनिवार्यता

  • AI आधारित बिल स्कैनिंग सिस्टम

  • बिलिंग पर थर्ड पार्टी ऑडिट का प्रावधान


नागरिकों के लिए चेतावनी

ध्यान रखें ये बातें:

  • कैशलेस इलाज के लिए केवल मान्यता प्राप्त अस्पतालों का चयन करें।

  • इलाज के दस्तावेजों की एक प्रति स्वयं रखें।

  • किसी भी अनजाने व्यक्ति को अपने मेडिकल दस्तावेज़ साझा न करें।

  • सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते समय उनकी प्रक्रिया को समझें।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. मेट्रो अस्पताल घोटाले में कितने पैसे की ठगी हुई है?

करीब ₹9 करोड़ की ठगी सामने आई है, जिसमें कैशलेस इलाज के नाम पर फर्जी क्लेम किए गए थे।

2. इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे?

अब तक अस्पताल स्टाफ, एजेंट, और फर्जी मरीज समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

3. क्या MCD के कर्मचारी भी दोषी हैं?

प्राथमिक जांच में कुछ MCD कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जांच अभी जारी है।

4. सरकार ने क्या कार्रवाई की है?

दिल्ली सरकार ने सभी कैशलेस क्लेम्स की समीक्षा और अस्पतालों की ऑडिट का आदेश दिया है।

5. क्या इससे आम नागरिकों की सुविधाएं प्रभावित होंगी?

संभावना है कि कैशलेस सिस्टम पर सख्ती बढ़ेगी, लेकिन लंबे समय में इससे पारदर्शिता आएगी।

6. आम नागरिक कैसे ऐसे फ्रॉड से बचें?

कभी भी अपने दस्तावेज़ दूसरों को न दें, और हर क्लेम की जानकारी खुद रखें।


निष्कर्ष और आगे की राह

मेट्रो अस्पताल घोटाला ना सिर्फ़ एक संस्थान की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह कैशलेस इलाज की पूरी प्रणाली की कमजोरियों को भी सामने लाता है। यह आवश्यक है कि सरकार, अस्पताल और नागरिक — तीनों मिलकर इस प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाएं। डिजिटल वेरिफिकेशन, AI-सपोर्टेड बिल स्कैनिंग, और सख्त निगरानी आज की जरूरत हैं।

मालदीव में पीएम मोदी का ऐतिहासिक स्वागत, राष्ट्रपति मुइज्जू ने तोड़ा प्रोटोकॉल | भारत-मालदीव संबंधों में नई गर्माहट
आज फोकस में

मालदीव में पीएम मोदी का ऐतिहासिक स्वागत, राष्ट्रपति मुइज्जू ने तोड़ा प्रोटोकॉल | भारत-मालदीव संबंधों में नई गर्माहट

भारत सरकार ने 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर लगाया बैन, अश्लील कंटेंट को लेकर बड़ा फैसला
आज फोकस में

भारत सरकार ने 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर लगाया बैन, अश्लील कंटेंट को लेकर बड़ा फैसला

तनुश्री दत्ता का भावुक वीडियो वायरल: “मैं अपने ही घर में परेशान हूं”, मदद की लगाई गुहार  मुंबई | 23 जुलाई 2025
आज फोकस में

तनुश्री दत्ता का भावुक वीडियो वायरल: “मैं अपने ही घर में परेशान हूं”, मदद की लगाई गुहार मुंबई | 23 जुलाई 2025

जगदीप धनखड़ का इस्तीफा: स्वास्थ्य कारण या राजनीतिक असहमति की परछाई?
आज फोकस में

जगदीप धनखड़ का इस्तीफा: स्वास्थ्य कारण या राजनीतिक असहमति की परछाई?

बांग्लादेश बनाम पाकिस्तान: एशिया की पुरानी रंजिश फिर सतह पर
आज फोकस में

बांग्लादेश बनाम पाकिस्तान: एशिया की पुरानी रंजिश फिर सतह पर

संसद का मानसून सत्र और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सियासी घमासान: हंगामे में गुम होती लोकतंत्र की आवाज़
आज फोकस में

संसद का मानसून सत्र और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सियासी घमासान: हंगामे में गुम होती लोकतंत्र की आवाज़

आज का राशिफल

वोट करें

भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। क्या सरकार को इस पर विचार करना चाहिए?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें

WhatsApp