Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

कांवड़ यात्राः सुप्रीम कोर्ट ने विवादित QR कोड आदेश पर रोक से किया इनकार

QR code for Kanwar pilgrims
Author Image
Written by
Bureau Report

नई दिल्ली, 22 जुलाई 2025 — कांवड़ यात्रा को लेकर जारी एक अहम कानूनी बहस में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के विवादित QR कोड अनिवार्यता के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ष कांवड़ यात्रा के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत प्रत्येक कांवड़िए को एक यूनिक QR कोड जारी किया जा रहा है। इस कोड को स्कैन कर उसकी पहचान, रूट और यात्रा से जुड़ी जानकारी प्रशासन को प्राप्त होगी। सरकार का दावा है कि यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के उद्देश्य से लागू की गई है।

Advertisement Box

QR code for Kanwar pilgrimsहालांकि इस आदेश को लेकर कई सामाजिक संगठनों और कुछ धार्मिक नेताओं ने विरोध जताया था। उनका तर्क है कि इस तरह की निगरानी धार्मिक स्वतंत्रता में दखल है और इससे कांवड़ यात्रा की पारंपरिक भावना आहत होती है। इन्हीं आपत्तियों के चलते याचिका दायर कर इस नियम पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा,

“राज्य सरकार की यह पहल भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा से जुड़ी है। जब तक यह नियम भेदभावपूर्ण या असंवैधानिक सिद्ध नहीं होता, तब तक इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।”

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि कई श्रद्धालु डिजिटल सिस्टम से परिचित नहीं हैं, जिससे उन्हें कठिनाई हो सकती है। इस पर अदालत ने कहा कि सरकार को इस बात का ध्यान रखना होगा कि किसी भी श्रद्धालु को तकनीकी अड़चनों के कारण यात्रा से वंचित न किया जाए।

सरकार का पक्ष

उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया कि QR कोड का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुरक्षा मुहैया कराना है।

“इस वर्ष अनुमानित 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालु यात्रा में भाग लेंगे। ऐसे में डिजिटल ट्रैकिंग से हमें भीड़ नियंत्रण, मेडिकल इमरजेंसी और यातायात प्रबंधन में मदद मिलेगी।”

विरोधियों की राय

विरोध करने वाले गुटों का मानना है कि यह एक धार्मिक आयोजन है, न कि कोई प्रशासनिक मिशन। उनका कहना है कि हर श्रद्धालु को “टैग” करना उनकी धार्मिक अभिव्यक्ति पर अंकुश लगाने जैसा है।

आगे क्या?

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि QR कोड स्कैनिंग की व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए बाधा न बने और यह प्रक्रिया स्वैच्छिक रूप से अपनाई जाए, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो तकनीकी रूप से सक्षम नहीं हैं।

इस आदेश के बाद अब यह स्पष्ट है कि फिलहाल QR कोड की व्यवस्था जारी रहेगी और सरकार अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। उधर कांवड़ यात्रा का आयोजन 23 जुलाई से शुरू होकर 5 अगस्त तक चलेगा।


निष्कर्ष: सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से सरकार को राहत मिली है, लेकिन यह मामला धार्मिक परंपराओं और आधुनिक प्रशासनिक तरीकों के बीच संतुलन साधने की चुनौती को भी उजागर करता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि QR कोड व्यवस्था को लेकर जनमानस में क्या प्रतिक्रिया होती है।

मालदीव में पीएम मोदी का ऐतिहासिक स्वागत, राष्ट्रपति मुइज्जू ने तोड़ा प्रोटोकॉल | भारत-मालदीव संबंधों में नई गर्माहट
आज फोकस में

मालदीव में पीएम मोदी का ऐतिहासिक स्वागत, राष्ट्रपति मुइज्जू ने तोड़ा प्रोटोकॉल | भारत-मालदीव संबंधों में नई गर्माहट

भारत सरकार ने 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर लगाया बैन, अश्लील कंटेंट को लेकर बड़ा फैसला
आज फोकस में

भारत सरकार ने 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर लगाया बैन, अश्लील कंटेंट को लेकर बड़ा फैसला

तनुश्री दत्ता का भावुक वीडियो वायरल: “मैं अपने ही घर में परेशान हूं”, मदद की लगाई गुहार  मुंबई | 23 जुलाई 2025
आज फोकस में

तनुश्री दत्ता का भावुक वीडियो वायरल: “मैं अपने ही घर में परेशान हूं”, मदद की लगाई गुहार मुंबई | 23 जुलाई 2025

जगदीप धनखड़ का इस्तीफा: स्वास्थ्य कारण या राजनीतिक असहमति की परछाई?
आज फोकस में

जगदीप धनखड़ का इस्तीफा: स्वास्थ्य कारण या राजनीतिक असहमति की परछाई?

बांग्लादेश बनाम पाकिस्तान: एशिया की पुरानी रंजिश फिर सतह पर
आज फोकस में

बांग्लादेश बनाम पाकिस्तान: एशिया की पुरानी रंजिश फिर सतह पर

संसद का मानसून सत्र और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सियासी घमासान: हंगामे में गुम होती लोकतंत्र की आवाज़
आज फोकस में

संसद का मानसून सत्र और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सियासी घमासान: हंगामे में गुम होती लोकतंत्र की आवाज़

आज का राशिफल

वोट करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल प्रमुख टिम कुक से आईफोन का निर्माण भारत में न करने को कहा है। क्या इसका असर देश के स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें

WhatsApp