क्रिकेट में जब बाप और बेटा आमने-सामने हों, तो मुकाबला सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रह जाता – उसमें भावनाएं, परंपराएं और भविष्य की झलक भी शामिल हो जाती है। अफगानिस्तान में चल रही सफा गीजा क्रिकेट लीग 2025 के आठवें मुकाबले में ऐसा ही एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब अफगानिस्तान के अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी और उनके बेटे हसन ईशा खील आमने-सामने आए।
इस मैच ने न सिर्फ दर्शकों को रोमांचित किया, बल्कि एक भावनात्मक कहानी भी रच दी।
पहली गेंद, पहला झटका – और वो भी पिता के खिलाफ!
मैच के दौरान जैसे ही मोहम्मद नबी ने गेंदबाज़ी शुरू की, सामने थे उनके बेटे हसन ईशा। पहली ही गेंद पर हसन ने शानदार छक्का जड़ दिया, और स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह नज़ारा जितना क्रिकेटीय था, उतना ही भावनात्मक भी।
दर्शक हैरान रह गए – एक ओर थे अफगानिस्तान क्रिकेट के स्तंभ, जिन्होंने देश को कई यादगार जीत दिलाई हैं; और दूसरी ओर उनका बेटा, जो अब मैदान पर उन्हीं को चुनौती दे रहा था।
पिता-पुत्र के मुकाबले की खासियत
इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत यही रही कि दो पीढ़ियां एक ही खेल में, एक ही मैदान पर, लेकिन अलग-अलग टीमों के लिए संघर्ष कर रही थीं। जहां मोहम्मद नबी के अनुभव का वजन था, वहीं हसन की बल्लेबाज़ी में युवा जोश और आत्मविश्वास की झलक दिखाई दी।
हसन का यह छक्का सिर्फ एक शॉट नहीं था, बल्कि शायद उस नई पीढ़ी की घोषणा थी जो अफगानिस्तान क्रिकेट की कमान संभालने को तैयार है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, फैंस ने इसे “क्रिकेट इतिहास का दुर्लभ पल” करार दिया।
एक यूज़र ने लिखा:
“क्या पल था! पिता की गेंद पर बेटे का छक्का – खेल की खूबसूरती यही है।”
दूसरे ने कहा:
“नबी साहब ने अफगानिस्तान को ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अब उनका बेटा दिखा रहा है कि वह विरासत आगे बढ़ेगी।”
मोहम्मद नबी का रिएक्शन अभी बाकी
हालांकि अब तक मोहम्मद नबी या हसन ईशा की ओर से इस क्षण पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इतना तय है कि यह पल हमेशा के लिए क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में दर्ज हो गया है।









