05 जुलाई 2025, पीआईबी दिल्ली
भारत गणराज्य के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य की आधिकारिक यात्रा 3 से 4 जुलाई 2025 तक की। यह यात्रा त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री माननीय कमला पर्साड-बिसेसर के निमंत्रण पर हुई।
यह ऐतिहासिक यात्रा, जो पिछले 26 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी, विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह 1845 में भारतीय प्रवासियों के त्रिनिदाद और टोबैगो आगमन की 180वीं वर्षगांठ के साथ मेल खा रही थी। इसने दोनों देशों के बीच गहरे सभ्यतागत संबंधों, जीवंत जन-से-जन संबंधों और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को पुनः पुष्टि दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री कमला पर्साड-बिसेसर को हाल ही में हुए चुनाव में जीत पर बधाई दी और भारत-त्रिनिदाद एवं टोबैगो के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की।

भारत और वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री मोदी के असाधारण नेतृत्व को मान्यता देते हुए उन्हें त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान “ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो” से सम्मानित किया गया।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की और स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, संस्कृति, खेल, व्यापार, आर्थिक विकास, कृषि, न्याय, शिक्षा और कौशल विकास जैसे विविध क्षेत्रों में समावेशी और दूरदर्शी साझेदारी को मजबूत करने के संकल्प को दोहराया।
आतंकवाद और सुरक्षा पर साझा रुख
दोनों नेताओं ने आतंकवाद को शांति और सुरक्षा के लिए साझा खतरा बताया और किसी भी प्रकार के आतंकवाद, विशेष रूप से सीमापार आतंकवाद की कड़ी निंदा की।
प्रमुख समझौतों और डिजिटल सहयोग
दोनों देशों ने फार्मास्यूटिकल्स, विकास सहयोग, अकादमिक, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, राजनयिक प्रशिक्षण और खेलों में कई अहम समझौतों और समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो को भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अपनाने वाला पहला कैरेबियाई देश बनने पर बधाई दी। उन्होंने India Stack के अंतर्गत DigiLocker, e-Sign और GeM जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों पर सहयोग को विस्तार देने की सहमति जताई।
त्रिनिदाद और टोबैगो ने भारत से राज्य भूमि पंजीकरण प्रणाली के डिजिटलीकरण में सहायता मांगी।
शिक्षा और डिजिटल उपकरण
प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो के डिजिटल शिक्षा मिशन के लिए 2000 लैपटॉप की भेंट की घोषणा की। साथ ही छात्रों को भारत में सरकारी छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के अंतर्गत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया।
कृषि एवं खाद्य सुरक्षा
भारत द्वारा 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य की कृषि मशीनरी की भेंट पर त्रिनिदाद और टोबैगो ने आभार व्यक्त किया। भारत ने प्राकृतिक खेती, समुद्री शैवाल आधारित उर्वरक और बाजरे की खेती में सहयोग की पेशकश भी की।
स्वास्थ्य सेवाओं में साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो द्वारा भारतीय फार्माकोपिया को मान्यता देने की सराहना की। उन्होंने 800 लोगों के लिए कृत्रिम अंग स्थापना शिविर की घोषणा की, और भारत सरकार द्वारा 20 हीमोडायलिसिस यूनिट और 2 सी एम्बुलेंस प्रदान करने का ज़िक्र किया।
विकास सहयोग और कोविड सहायता
दोनों पक्षों ने Quick Impact Projects पर समझौता किया जो त्रिनिदाद और टोबैगो में सामुदायिक विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद करेगा।
प्रधानमंत्री पर्साड-बिसेसर ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की त्वरित वैक्सीन और चिकित्सा उपकरण आपूर्ति की सराहना की।
जलवायु परिवर्तन और सतत विकास
त्रिनिदाद और टोबैगो ने Coalition for Disaster Resilient Infrastructure (CDRI) और Global Biofuel Alliance में शामिल होने की घोषणा की। भारत सरकार द्वारा कारिकॉम मंत्रालय के मुख्यालय में रूफटॉप सौर प्रणाली लगाने के प्रस्ताव पर आभार व्यक्त किया गया।
प्रधानमंत्री पर्साड-बिसेसर ने प्रधानमंत्री मोदी के “मिशन LiFE” की सराहना की और उसे स्थायी जीवनशैली के वैश्विक आंदोलन के रूप में मान्यता दी।
क्षमता निर्माण और न्यायिक सहयोग
भारत द्वारा प्रतिवर्ष 85 ITEC स्कॉलरशिप, और भारतीय प्रशिक्षकों को भेजने तथा त्रिनिदाद और टोबैगो के अधिकारियों को भारत बुलाकर प्रशिक्षण देने की पेशकश को सराहा गया।
भारत ने फॉरेंसिक साइंस और न्याय प्रणाली में भी सहयोग की इच्छा जताई।
व्यापार, निवेश और खेलों में सहयोग
दोनों देशों ने व्यापार एवं निवेश बढ़ाने के लिए व्यापारिक संस्थाओं के बीच प्रत्यक्ष संपर्क पर बल दिया।
क्रिकेट प्रेम को सांझा करते हुए, महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को भारत में प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव दोहराया गया।
संस्कृति और प्रवासी भारतीयों को जोड़ना
भारत में त्रिनिदाद और टोबैगो के पुजारियों को प्रशिक्षण, उन्हें गीता महोत्सव में आमंत्रित करने और त्रिनिदाद में गीता महोत्सव के संयुक्त आयोजन की घोषणा की गई।
महत्मा गांधी सांस्कृतिक सहयोग संस्थान के तहत सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (2025-28) को नवीनीकृत किया गया।
भारत ने योग और हिंदी भाषा के प्रचार के लिए त्रिनिदाद सरकार के प्रयासों की सराहना की और स्कूलों में योग को शामिल करने के लिए प्रशिक्षक भेजने की पेशकश की।
भारत सरकार ने घोषणा की कि त्रिनिदाद और टोबैगो के छठी पीढ़ी तक के भारतीय मूल के लोगों को OCI कार्ड जारी किए जाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र सुधार और वैश्विक सहयोग
दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता को दोहराया और भारत को स्थायी सदस्यता के लिए त्रिनिदाद और टोबैगो के समर्थन की पुष्टि की।
भारत ने त्रिनिदाद और टोबैगो की UNSC की अस्थायी सदस्यता (2027-28) के लिए समर्थन और भारत की सदस्यता (2028-29) के लिए त्रिनिदाद और टोबैगो के समर्थन पर सहमति जताई।
समापन: द्विपक्षीय संबंधों की नई ऊंचाई
प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की सरकार और जनता को अपार आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया और प्रधानमंत्री पर्साड-बिसेसर को भारत आने का निमंत्रण दिया।
दोनों नेताओं ने इस ऐतिहासिक यात्रा को भारत और त्रिनिदाद और टोबैगो के द्विपक्षीय संबंधों में एक नए युग की शुरुआत बताया और मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।









