परिचय:
भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला रोमांच की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। शुरुआती दबाव और विकेटों की गिरती झड़ी के बाद इंग्लैंड की टीम जिस तरह से वापसी कर रही है, वह क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी थ्रिलर से कम नहीं। इस वापसी का सबसे बड़ा श्रेय अगर किसी खिलाड़ी को जाता है, तो वह है – हैरी ब्रूक। युवा बल्लेबाज़ ब्रूक ने कठिन हालातों में अपने बल्ले से ऐसी धमाकेदार सेंचुरी ठोकी जिसने मैच की तस्वीर ही पलट दी।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि हैरी ब्रूक की इस पारी का कितना महत्व है, उन्होंने किन परिस्थितियों में यह शतक जड़ा और यह इंग्लैंड के लिए क्यों गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
1. हैरी ब्रूक की पारी: दबाव में निखरा हीरा
मैच की शुरुआत में जब इंग्लैंड की टॉप ऑर्डर लड़खड़ा गई थी, तब ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से दबाव बनाकर विपक्ष को कम स्कोर पर समेट लेगा। जो रूट और बेन स्टोक्स जैसे अनुभवी बल्लेबाज़ जल्दी-जल्दी पवेलियन लौट चुके थे। लेकिन तब क्रीज पर आए हैरी ब्रूक, जिनकी आंखों में आत्मविश्वास साफ दिख रहा था।
ब्रूक ने पहले क्रीज पर जमने की कोशिश की, फिर धीरे-धीरे अपने शॉट्स खेलने शुरू किए। उन्होंने न सिर्फ भारतीय गेंदबाज़ों की रफ्तार और स्पिन को बेहतरीन ढंग से पढ़ा, बल्कि मौके के हिसाब से रन बनाने में भी समझदारी दिखाई। उनकी सेंचुरी महज़ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी, बल्कि इंग्लैंड की उम्मीदों की लौ थी।

प्रमुख आँकड़े:
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गेंदें: 142
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रन: 113* (नाबाद)
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चौके: 15
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छक्के: 2
2. भारतीय गेंदबाज़ों की चुनौती: क्यों चूक गया भारत?
शुरुआती सत्रों में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने शानदार गेंदबाज़ी की थी। रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन ने भी टर्निंग ट्रैक का फायदा उठाया। लेकिन जैसे-जैसे ब्रूक ने जमना शुरू किया, उन्होंने गेंदबाज़ों को अपने हिसाब से खेलने पर मजबूर कर दिया।
ब्रूक की तकनीक और मानसिक दृढ़ता ने भारतीय गेंदबाज़ों को भ्रमित कर दिया। उन्होंने ऑफ-साइड की कमजोरियों को भांपते हुए स्क्वायर कट और ड्राइव्स से खूब रन बटोरे। साथ ही लेग साइड पर स्पिनर्स के खिलाफ स्वीप और रिवर्स स्वीप का भी बेहतरीन इस्तेमाल किया।
3. मैच का समीकरण: इंग्लैंड फिर से मुकाबले में
जहां एक समय इंग्लैंड का स्कोर 150 पर 5 विकेट था, वहीं हैरी ब्रूक की सेंचुरी ने स्कोर को 300 के पार पहुंचा दिया। इसके साथ ही मैच एकतरफा न होकर अब बराबरी की टक्कर बन चुका है।
अगर इंग्लैंड पहली पारी में 350-400 तक पहुंच जाता है, तो भारत को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। खासकर तब, जब पिच का व्यवहार तीसरे और चौथे दिन धीमा और टर्निंग होता जाएगा।
4. हैरी ब्रूक: एक उभरता सितारा
हैरी ब्रूक की यह पारी एक यादगार उदाहरण है कि कैसे युवा खिलाड़ी बड़े मंच पर खुद को साबित कर सकते हैं। 2022 में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले ब्रूक को इंग्लैंड की टेस्ट रिवाइवल स्ट्रैटेजी का हिस्सा माना जाता है। ‘बज़बॉल’ (Bazball) क्रिकेट के तहत आक्रामक मानसिकता अपनाने वाले इस खिलाड़ी ने कई बार दबाव में बड़ी पारियां खेली हैं।
विशेषज्ञों की राय:
क्रिकेट विश्लेषक हर्षा भोगले के अनुसार, “ब्रूक की यह पारी बताती है कि उनमें टेस्ट क्रिकेट की समझ और धैर्य दोनों है। आने वाले सालों में वह इंग्लैंड की रीढ़ बन सकते हैं।”
5. भारत की रणनीति: कहाँ चूका भारत?
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फील्ड प्लेसमेंट: मिड-ऑन और मिड-विकेट क्षेत्र में लंबे समय तक गैप बने रहे, जिससे ब्रूक को आसान रन मिलते रहे।
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रोटेशन की कमी: गेंदबाज़ों का रोटेशन उतना आक्रामक नहीं रहा जितना होना चाहिए था, खासकर तब जब विकेट जल्दी नहीं मिल रहे थे।
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रिव्यू की चूक: दो बार भारत ने गलत DRS लिया, जिससे दबाव कम हुआ।
निष्कर्ष:
हैरी ब्रूक की शतकीय पारी ने 2nd टेस्ट को एक बार फिर से संतुलित बना दिया है। भारत की शुरुआती बढ़त अब खतरे में है और मैच किसी भी ओर जा सकता है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मुकाबला अब और भी दिलचस्प हो गया है।
जहाँ एक ओर भारत को वापसी के लिए मजबूत रणनीति बनानी होगी, वहीं इंग्लैंड अपने नए नायक हैरी ब्रूक के भरोसे जीत की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। आने वाले दिन इस टेस्ट मैच के लिए निर्णायक साबित होंगे।
क्या आप भी मानते हैं कि ब्रूक की पारी ने मैच की दिशा बदल दी? कमेंट में अपनी राय बताइए और हमारे साथ बने रहिए, क्रिकेट की हर धड़कन पर नजर रखने के लिए।









